rss kya hai, यह क्या करती है और इसे कैसे जॉइन करें

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Rss kya hai, Rss ka pura naam kya hai, rss kya karti hai, rss kaise join kare, rss ke sansthapak kaun hain, RSS ka itihas kya hai, RSS full form in hindi आज की पोस्ट इसी बारे में है।


RSS FULL FORM IN HINDI – RASHTRIYA SWAYAMSEVAK SANGH ( राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ)


Chief of RSS आरएसएस के मुख्य – डॉ. मोहन भागवत जी

Chief of RSS - MOHAN BHAGWAT
Mohan bhagwat


Founder of RSS in hindi आरएसएस के संस्थापक – डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार जी

Founder of RSS- DR. KESHAVRAV BALIRAM HEDGEWAR
Dr. Keshav rav baliram hedgewar

RSS भारत का सबसे बड़ा संगठन है जो कि छोटे बच्चों से लेकर उम्रदराज व्यक्तियों से मिलकर बना हुआ है। RSS का कार्य हिन्दू संस्कृति को बनाये रखना और बढ़ावा देना है।

आज की हमारी पोस्ट हमारे देश के सबसे बड़े संगठन RSS के बारे में है। इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि आरएसएस क्या है, आरएसएस का पूरा नाम क्या है, आरएसएस क्या करती है, आरएसएस कैसे जॉइन करे, आरएसएस का इतिहास क्या है। इसके बारे में जानने के लिए हमारी पोस्ट को पूरी ध्यान से पढ़ें। और अगर जानकारी अच्छी लगे तो इसे शेयर करना न भूलें।

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RSS kya hai आरएसएस क्या है?

Rss kya hai rss flag
RSS ध्वज प्रतीक

आरएसएस भारत में संस्थापित एक हिंदूवादी संगठन है। इसे संघ(sangh) भी कहते हैं। आरएसएस परिवार या संघ परिवार आज के समय में इतना ज्यादा बड़ा है कि इसे विश्व के सबसे बड़े संगठन का सम्मान प्राप्त है। आरएसएस भारत को हिन्दू राष्ट्र सिद्धान्त में रखते हैं।

Rss अपनी स्थापना के बाद से ही कई सारे क्रांतिकारी कार्यों में सक्रिय रही है। इन्होंने स्वतंत्रता से पूर्व भी कई सारे महत्वपूर्ण अगुवाईयों में अहम भूमिका निभाई थी और आज के समय में भी हिन्दू समाज को बिना किसी जातिभेद के हिन्दू संस्कृति से अवगत करती है। इनकी कई तरह की संस्थाएं चलती हैं। जिनमे कि आरएसएस विद्यालय , आरएसएस शाखा, योग शिविर आदि प्रोग्राम चलित हैं।

आरएसएस को कई लोग भारत की राजनीतिक पार्टी BJP से जोड़ कर देखते हैं। आरएसएस की तरह ही और भी कई हिंदूवादी संगठन हैं जैसे कि बजरंग दल, हिन्दू युवा वाहिनी आदि को भी इसी दृष्टि से देखा जाता है। लेकिन आरएसएस इन बजरंग दल और हिन्दू युवा वाहिनी जैसे दलों से बिल्कुल अलग है।

यह संघ सिर्फ हिन्दू संस्कृति को बढ़ावा मात्र देने के लिए नही बल्कि राष्ट्रीयता, देशप्रेम की भावना को बढ़ाना, स्वास्थ्य शिविर चलाने, बच्चों में अनुशासन डालने और भारत देश में आने वाली किसी भी प्राकृतिक आपदा के समय बिना किसी धर्म, जाति के भेदभाव के मदद करना भी इनका मुख्य उद्देश्य होता है।

जब भी देश में कभी कोई आपातकालीन समय में जन सामान्य की सहायता के लिए , समाजसेवा के लिए सदैव तत्पर रहना भी इनके संकल्पों में से है।

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Rss ki sthapana kaise hui आरएसएस की स्थापना कैसे हुई?

आरएसएस के संस्थापक डॉक्टर केशवराव बलिराम हेडगेवार जी भारत जैसे बड़े देश में किसी विदेशी शक्ति का इतने समय से राज करने की बात बहुत ही खलती थी। जब वो आठ साल के थे तब रानी विक्टोरिया भारत में राज के जश्न के रूप में diamond jubilee मनाने के उपलक्ष्य में मिठाइयां बटवाई लेकिन इन्होंने उस मिठाई को फेंक दिया। तब ये मात्र 8 वर्ष के थे।

जब ये हाई स्कूल में पहुच तब ये राष्ट्रीय आंदोलनों में शामिल होने लगे। उन्हें इसी तरह की गतिविधियों के चलते स्कूल से निकाल दिया। कुछ वर्षों के पश्चात वे लोकमान्य बल गंगाधर तिलक , डॉ मुंजे और लोकनायक एम. एस. अनाय के संपर्क में आये।

पहले तो 800 वर्षों तक मुग़लों के राज और फिर अब अंग्रेजों के राज से चिंतित डॉ हेडगेवार जी को एक मजबूत हिन्दू संगठन बनाने के लिए प्रेरित किया।

When was RSS ESTABLISHED आरएसएस की स्थापना कब हुई – सन 1925 को नागपुर में डॉ केशवराव बलिराम हेडगेवार जी ने RSS – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की।

सन 1925 में डॉ हेडगेवारजी ने आरएसएस या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की।

शाखा क्या है shakha kya hai? Rss शाखा क्या है

Rss shakha rss kya hai
Rss shakha

आरएसएस के सदस्यों को रोज ही शारीरिक व्यायाम, राष्ट्रभक्ति से संबंधित क्रियाकलाप, राष्ट्रभक्ति गीतों, खेलों और वर्तमान स्थिति के अनुसार राष्ट्र का हित कैसे हो, विषयों पर चर्चा होती है।


आरएसएस के सदस्यों का यह सत्र रोज 1 घण्टे के लिए किसी निश्चित स्थान पर सम्पन्न होता है। इस 1 घण्टे के सत्र को ही शाखा कहते हैं।

आरएसएस की official वेबसाइट के अनुसार वर्तमान में शहरों और गावों को मिलाकर कुल 50,000 से भी अधिक शाखाएँ सक्रिय हैं।

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RSS kaise join kare आरएसएस से कैसे जुड़ें?


Rss या संघ परिवार का हिस्सा बनने के लिए कोई भी औपचारिक प्रक्रिया नही है। आप सीधे अपनी सबसे नजदीक की शाखा में जाकर संघ से जुड़ सकते हैं।


अगर आप अपनी आस पास की किसी भी शाखा के बारे में नही जानते हैं तो आरएसएस की आधिकारिक वेबसाइट के इस लिंक पर जाकर फॉर्म को भर दीजिये और आपको आपकी निकटतम शाखा के बारे में जानकारी दी जाएगी।
इस फॉर्म में ज्यादा कुछ जानकारियां नही मांगी गई हैं ना ही इसका कोई पंजीकरण शुल्क है। इसमे आपको सिर्फ अपना नाम, मोबाइल नंबर, ई मेल आईडी, उम्र, व्यवसाय और अपना पता बताना होता है। इतनी जानकारियां भरके सबमिट करने पर आपको निकटतम शाखा का पता दिया जाएगा।


याद रखिये संघ से जुड़ने के लिए कभी भी कोई शुल्क नही लगता है, ज्यादा से ज्यादा आपको संघ के गणवेश(यूनिफार्म) बनवाने के लिए बस खर्च लगेगा और वो भी आपको किसी और को नही देना है। आप खुद से अपने खर्च पर इस यूनिफार्म को बनवा सकते हैं।


भारत देश का कोई भी निवासी संघ से जुड़ सकता है। भले ही वह किसी भी धर्म, जाति या समुदाय से संबंध रखता हो।
इसमे छोटे बच्चों से लेकर कोई भी बूढ़ा पुरुष सम्मिलित हो सकता है। बच्चों के लिए तो इसमें और भी ज्यादा लाभ हैं क्योंकि इन्हें संस्कार और अनुशासन में ढाला जाता है।

संघ से जुड़ने पर किसी के साथ भी किसी भी आधार पर कोई भेदभाव नही किया जाता है। बहुत सारे हिन्दू धर्म के अलावा भी कई धर्मों के लोग पहले से ही इस संघ में कार्यरत हैं। और ये बात तो मैं स्वयं व्यक्तिगत रूप से देख चुका हूँ क्योंकि मैं भी आरएसएस के विद्यालयो में पढ़ हु और मेरे कई मुस्लिम दोस्त भी इस संघ से जुड़े हुए थे।


आरएसएस संघ की शाखाएं लगभग हर जिले, शहर में मिल जाएगी। और अगर नही हैं तो आप शुरू कर सकते हैं।

RSS DRESS UNIFORM आरएसएस गणवेश यूनिफार्म

Rss kya hai rss dress code
Rss dress code

संघ के सदस्यों की वेश भूषा में सफेद रंग की शर्ट और खाकी रंग का पैंट होती है। और सिर पर एक टोपी होती है।

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Swayamsevak kya hota hai स्वयंसेवक क्या होता है


आरएसएस के किसी सदस्य को स्वयंसेवक कहते हैं। आप भी आरएसएस को जॉइन करके स्वयंसेवक बन सकते हैं।
स्वयंसेवक के कुछ साधारण से कर्तव्य हिट हैं जो उसे निभाने चाहिए।

  1. शाखा प्रतिदिन समय पर लगनी चाहिए।
  2. रोज की शाखा अनुशासन पूर्वक लगनी चाहिए। यह सभी का कर्तव्य है कि शाखा में अनुशासन बनाये रखें।
  3. अपने साथ साथ अन्य स्वयंसेवको को भी शाखा में चलने को प्रेरित करना चाहिए।
  4. आवश्यकता पड़ने पर सहायता के लिए सभी स्वयंसेवकों को एकत्रित करके मुसीबत के समय मदद करनी चाहिए।

Rss kya krti hai आरएसएस का क्या कार्य है

आरएसएस का मुख्य कार्य तो यह है हिन्दू संस्कृति के सद्गुणों को सब तक पहुँचाया जाए। ऐसे सभी गुण और आचरण जो समाज के लिए लाभदायक हैं , प्रसारित किए जाएं।

आरएसएस छोटे बच्चों के लिए आरएसएस से सम्बद्ध विद्यालयों में रोजाना योग शिविर, भजन, गीत समारोह, खेल कूद जैसे क्रियाकलापों, देशभक्ति की भावना को बच्चों के अंदर डालना जैसे कार्यों का इनका मुख्यतः उद्देश्य होता है।
बड़ों और बच्चों को साथ लेकर शाखा में साथ में शारीरिक स्वास्थ्य के लिए व्यायाम, किसी भी कार्य में खुद उसकी अगुवाई कैसे करे, चरित्र निर्माण, स्वयं पर संयम और शांति बनाए रखने का अभ्यास कराते हैं।


आरएसएस कई विद्यालयों का भी संचालन करती है जो कि नाम में ” saraswati shishu mandir (सरस्वती शिशु मंदिर)/ saraswati vidya mandir (सरस्वती विद्या मंदिर)/ saraswati balika vidya mandir (सरस्वती बालिका विद्या मंदिर)” जैसे होते हैं।

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आरएसएस से जुड़ने के क्या लाभ हैं?

आरएसएस से जुड़ने के लाभ तो आपको स्वयं ही स्पष्ट हो गए होंगे फिर भी में इन्हें बिंदुवत बताए देता हूँ।

  1. बच्चों में राष्ट्रभक्ति की भावना का विकास होता है।
  2. शरीर के स्वास्थ्य के लिए योग व्यायाम भी करवाये जाते हैं।
  3. मन की आध्यात्मिक शान्ति के लिए भजन कीर्तन भी होते रहते हैं।
  4. छात्रों में नेतृत्व की भावना और कौशल का विकास होता है।
  5. इस तरह के दैनिक क्रियाकलापों से बौद्धिक क्षमता का विकास होता है।
  6. आपसी सहायता की भावना का विकास होता है।
  7. क्षेत्र विशेष में नाम बढ़ता है।
  8. बच्चों में संस्कार बढ़ते हैं

संघ से सम्बंधित अन्य संगठन organizations related to rss or sangh


संघ की तरह ही अन्य कई सारे स्वयंसेवी संगठन हैं जो कि संघ की ही तर्ज पर कार्य करते हैं।
संघ को स्वतंत्रता के समय के बार बैन के दिया गया था। तो संघ के उद्देश्यों को पूरा कर्म के लिए कुछ अन्य लोगों ने इसी तरह के विशाल संगठनों का निर्माण किया।
ABVP – AKHIL BHARTIYA VIDYA PARISHAD (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद)
Vidya bharti (विद्या भारती)
VHP – vishwa hindu parishad (विश्व हिंदू परिषद)
ये बड़े बड़े संगठन हैं जो कि आज के समय में सक्रिय है।

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आज की हमारी पोस्ट Rss kya hai, Rss ka pura naam kya hai, rss kya karti hai, rss kaise join kare, rss ke sansthapak kaun hain, RSS ka itihas kya hai, RSS full form in hindi के बारेे मेंं थी तो कैसे लगी ये ये पोस्ट हमे कमेंट में जरूर बतााएँ।

अगर आपको संघ से जुडने में कोई समस्या आ रही हो तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं या हमे सीधे कांटेक्ट कर सकते हैं। हम आपकी समस्या को जरूर सुलझाएंगे। धन्यवाद। 😊

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